सेब में फास्फोरस (P) की भूमिका

ROLE OF PHOSPHORUS (P) IN APPLES

परिचय

फास्फोरस एक प्राथमिक पोषक तत्व है जो नाइट्रोजन और पोटेशियम की तरह ही सेब के पेड़ के समग्र विकास के लिए आवश्यक होता है।  नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम सेब के तीन प्रमुख पोषक तत्व है जो सेब के पेड़ के द्वारा  बड़ी मात्रा में  उपयोग  किया जाता है। फास्फोरस सेब की जड़ों के विकास मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है इसलिए  अपर्याप्त फास्फोरस के स्तर पेड़ों की जड़ विकास को धीमा करता है जिससे की पेड़ों के विकास पर असर पड़ता है।

फास्फोरस  अमीनो एसिड, प्रोटीन और न्यूक्लिक एसिड जैसे  महत्वपूर्ण अणुओं का एक घटक होता है। यह प्रकाश संश्लेषण और श्वसन दोनों में एक मुख्य भूमिका निभाता है। एक उर्वरक में फास्फोरस का प्रतिशत फास्फोरस पेंट ऑक्साइड के रूप मे व्यक्त बैग पर मध्य संख्या का प्रतिनिधित्व करता है। (जैसे 12-32-16)

INTRODUCTION

Phosphorus is a primary apple nutrient like nitrogen and potassium which is essential for overall development and growth of apple tree. Nitrogen, phosphorus and potassium are three major apple nutrients as these nutrients are utilized by the apple tree in large amounts. It is important as it plays a vital role in root development, insufficient phosphorus levels can result to poor root development and hence stunned growth of the plant.  Phosphorus is a component of key molecules such as amino acids, proteins and nucleic acids. It plays a main role in both photosynthesis and respiration. The percentage of phosphorus in a fertilizer, as a phosphorus pent oxide is represented by the middle number on the bag expressed (e.g. 12-32-16).

 

फास्फोरस (P) की अहम भूमिका 

  • यह जड़ के गठन और विकास में मदद करता है।
  • यह फूल और बीज उत्पादन को बढ़ावा देता है।
  • यह फल सेट और विकास में मदद करता है।
  • यह बड विकास को बढ़ाने में मदद करता है।
  • यह ऊर्जा हस्तांतरण और प्रोटीन संश्लेषण में मदद करता है।
  •   पर्याप्त फास्फोरस के स्तर  फसल के सामान्य समय से पूर्व परिपक्वता में परिणाम करता है।
  • यह फल की गुणवत्ता में सुधार करता है।
  • यह पौधों के रोगों के लिए प्रतिरोध के निर्माण में मदद करता है।
  • यह कोशिका विभाजन और नए ऊतक के विकास में महत्वपूर्ण है।

KEY ROLE OF PHOSPHORUS (P)

  • It helps in root formation and growth.
  • It promotes flowering and seed production.
  • It helps in fruit set and development.
  • It helps in maximizing bud development.
  • It helps in energy transfer and protein synthesis.
  • Adequate phosphorus levels results in earlier crop maturity.
  • It improves fruit quality.
  • It helps in building resistance to plant diseases.
  • It is important in cell division and development of new tissue.

 

फास्फोरस  उपलब्धता और पेड़ों दवारा फास्फोरस  को ग्रहण करना

मिट्टी में फास्फोरस की बहुमत जो अघुलनशील रूप में होती है पेड़ों के लिए उपलब्ध नहीं होती। मिट्टी मे फास्फोरस की अस्थिर मात्रा हो सकती है, हालांकि फास्फोरस की ज्यादा मात्रा पौधों के लिए उपलब्ध नहीं होती।मिट्टी में फास्फोरस तीन अलग-अलग रूपों में शामिल हो सकती हैं:

  • सॉल्यूशन फास्फोरस
  • सक्रिय फास्फोरस
  • फिक्स्ड फास्फोरस

 

PHOSPHORUS AVAILABILITY AND UPTAKE

Majority of phosphorus in soil is in insoluble form which is unavailable to plant. Soils may contain variable amount of phosphorus, however much of the phosphorus is unavailable to the plants. In soil it may consist in three different forms:

  1. Solution phosphorus.
  2. Active phosphorus.
  3. Fixed phosphorus.

 

सल्यूशन फास्फोरस

इस रूप मे फास्फोरस की बहुत छोटी मात्रा मिट्टी में उपलब्ध होती है। फास्फोरस ओर्थोफोस्फेट रूप में मौजूद होती है और  थोड़ी मात्रा मे जैविक रूप मे उपलब्ध होती है। पेड़ केवल ओर्थोफोस्फेट रूप को ग्रहण कर सकता है, जो अपेक्षाकृत अस्थिर होता है।

 

SOLUTION PHOSPHORUS

In this form very small amount of phosphorus is available in soil. Phosphorus exists in orthophosphate form and small amounts of organic form. Plant uptakes only orthophosphates form and is relatively mobile.

 

सक्रिय फास्फोरस

यह रूप पौधों को उपलब्ध फास्फोरस का मुख्य स्रोत है। फास्फोरस जो ठोस अवस्था में होती है आसानी से मिट्टी के घोल मे मिल जाती है। इसमे शामिल अजैवी फॉस्फेट  मिट्टी में छोटे कणों से जुड़ जाते हैं। इसमे जैविक कंपाउंड शामिल होते है।

ACTIVE PHOSPHORUS

This form is the main source of available phosphorus to the plants. Phosphorus is in solid phase which is easily released to the soil solution. It contains inorganic phosphates which are attached to small particles in soil.

 

फिक्स्ड फास्फोरस

इसमे जैविक यौगिकों और अघुलनशील अकार्बनिक फास्फोरस यौगिकों का मिश्रण होता है। इस रूप में फास्फोरस पेड़ों के लिए उपलब्ध नहीं रहता और मिट्टी की उर्वरता पर भी बहुत कम प्रभाव डालता है।

फास्फोरस  जड़ों की युक्तियों  और जड़ों की बाहरी कोशिकाओं के माध्यम से पेड़ों मे प्रवेश करता है। यह प्राथमिक ओर्थोफोस्फेट आयन में ज्यादातर लिया जाता है लेकिन कुछ अप्रधान ओर्तोफ़ॉसफेट आयन के रूप में भी लिया जाता है। यह जड़ों में संग्रहित हो सकता  है या पौधों के अन्य भागों के लिए भेजा जा सकता है।

 

FIXED PHOSPHORUS

It contains organic compounds and insoluble inorganic phosphorus compounds. Phosphorus in this form remains unavailable to the plant and have very little impact on the fertility of the soil.

Phosphorus uptake takes by entering through the root hairs, root tips and outer cells of the roots. It is taken up mostly in primary orthophosphate ion but some is taken as secondary orthophosphate ion. It may be stored in the roots or may be transported to the other parts of the plant.

 

सेब में फास्फोरस की कमी

फास्फोरस की कमी का पता लगाना नाइट्रोजन और पोटेशियम की कमी को पता लगाने  से अधिक मुश्किल है। हालांकि कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:

फास्फोरस की कमी फास्फोरस की कमी

  • कम जड़ों का विकास जिसके परिणामस्वरूप पेड़ के विकास मे गतिरोध।
  • पत्तों मे बैंगनी रंग आना।
  • कम फूल और बीज गठन।
  • कम फल सेट।
  • घटी हुई पत्ती आकार और शूट विकास।
  • सामान्य से कम फल आकार और कम फल रंग।
  • विलंबित फल परिपक्वता।

 

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 DEFICIENCY OF PHOSPHORUS IN APPLE

Phosphorus deficiency is most difficult to diagnose than a deficiency of nitrogen and potassium. However some common symptoms are as under:

 

  • Poor root growth resulting in stunned growth of the tree.
  • Purple coloration of leaves.
  • Reduced flowering and seed formation.
  • Poor fruit set.
  • Reduced leaf size and shoot growth.
  • Reduced fruit size and lesser fruit color.
  • Delayed fruit maturity.

 

फासफोरस की आवश्यकता होती है:

सिल्वर टिप स्टेज पर - यह रूट विकास और फूल गठन में मदद करता है।

पी स्टेज पर - यह फल के विकास में मदद करता है।

फल तोड़ने के बाद पर - बड विकास और ऊतक बनाने में मदद करता है।

 

 Phasphorus is Required at :

Silver Tip Stage – It helps in root development and flower formation.

Pea Stage – It helps in fruit development.

Post harvest— It helps in bud development and tissue making.

 

एक औसत मानक सेब के पेड़ सालाना फास्फोरस (P) के 450 ग्राम से 350 ग्राम की आवश्यकता होती है इसलिए  खुराक को आवेदन की आवृत्ति के अनुसार समायोजित किया जाना चाहिए।

An average standard apple tree requires 350gms to 450gms of phosphorus (P) annually. So the dosage should be adjusted according to the frequency of the application.

 

फास्फोरस उर्वरक

सिंगल सुपर फास्फेट 16% P2O5

डि-अमोनियम फॉस्फेट 46% P2O5

ट्रिपल सुपर फास्फेट 46% P2O5

 

PHOSPHORUS FERTILIZERS

  1. SINGLE SUPER PHOSPHATE 16% P2O5
  2. DI-AMMONIUM PHOSPHATE 46%P2O5
  3. TRIPLE SUPER PHOSPHATE 46%P205

 

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