पाउडरी मिल्डू ( Powdery Mildew )

पाउडरी मिल्डू

( In English )

विवरण

पाउडरी मिल्डू ( Powdery Mildew ) दुनिया के प्रमुख सेब उत्पादक क्षेत्रों को प्रभावित करने वाला एक गंभीर फंगस है, जो विशेष रूप से नर्सरी उत्पादन में बहुत गंभीर होता है। पाउडरी मिल्डू पोडोफेरा ल्यूकोट्रिचा नामक फफूंद के कारण होता है, जो पत्तियों, कलियों, नई ग्रोथ और फलों को प्रभावित करता है। यह फंगस टर्मिनल विकास और विकसित हो रहे फलों पर एक सफेद पाउडर का उत्पादन करता है। यह शाखाओं और फलों के सेट की वृद्धि को कम करता है, और कुछ किस्मों के फल पर रसेट का उत्पादन करता है। यह बीमारी पेड़ की ताक़त, फ्लॉवर बड्स के उत्पादन और फलों की गुणवत्ता को कम करके आर्थिक क्षति का कारण बनती है।

 

POWDERY MILDWEW

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लक्षण

पाउडरी मिल्डू के लक्षण नये विकास, पत्तियों, फूल और फलों पर देखे जा सकते हैं। पिछले सीज़न में भारी मात्रा में संक्रमित डॉर्मेंट शूट्स को, सफेद पाउडर जैसे पदार्थ से ढक दिया जाता है, और टर्मिनल कलियों का विकास रुक जाता है। देर वसंत तक पत्तियाँ हल्के भूरे रंग के पाउडर से कवर हो जाती है, जो पाउडरी मिल्डू के बीजाणु होते हैं। संक्रमित पत्तियां ऊपर की ओर कर्ल होने लगती है और जल्द ही एक सफेद पाउडर से ढक जाती हैं। संक्रमित टर्मिनल शूट में विकास नही होता और नये शूट वसंत तक मर सकते है । सफेद पाउडर फूलों पर भी देखा जा सकता है, जिसके परिणामस्वरूप खराब फल सेट होते हैं। बाद में फल पर भी इसके लक्षणों को देखा जा सकता है , जो फल पर रसेट जैसा का एक नेटवर्क तैयार करता है।

बायोलॉजी

पाउडरी मिल्डू सर्दियों में पिछले साल के संक्रमित फ्रूट बड्स पर डॉर्मेंट माइसीलियम की तरह रहता है। कम सर्दियों के तापमान में यह फंगस मर जाता है जिस से की संक्रमण के स्रोत में कमी आती है। जो कलियां पिछले साल से संक्रमित होती हैं, वे स्वस्थ कलियों की तुलना में लेट डॉर्मएन्सी से बाहर आती है। जैसे ही संक्रमित कलियां डॉर्मएन्सी से बाहर आती है, पाउडरी मिल्डू भी डॉर्मएन्सी से बाहर आ जाता है और सेकेंडरी पाउडरी मिल्डू इन्फेक्षन होना शुरू हो जाता है। यह तब तक चलता है जब तक संक्रमित काली ग्रोथ लेती रहती है ।सही परिस्थितियाँ मिलने पर पाउडरी मिल्डू की एक साल कई जनरेशन तक हो सकती है । मॉड्रेट टेंपरेचर और रिलेटिव ह्यूमिडिटी पाउडरी मिल्डू को बढ़ावा देती है

POWDERY MILDEW

POWDERY MILDEW

नियंत्रण

गैर-रासायनिक नियंत्रण

संक्रमित शूट्स को डॉर्मेंसी में या वसंत में प्रून करके पाउडरी मिल्डू के इन्फेक्षन को प्रबंधित किया जा सकता है। पतझड़ के मौसम में पतझड़ के पत्तों को नष्ट करके भी इस फंगस के बीजाणुओं को नष्ट किया जा सकता है। पेड़ को मल्च करने से पानी संबंधित तनाव को कम किया जा सकता है, जिससे पौधों में संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है।

रासायनिक नियंत्रण

पाउडरी मिल्डू का अधिकांश विकास पौधे की सतह पर पाया जाता है, जिस से की, इसे आसानी से फंजीसाइड्स के साथ लक्षित किया जा सकता हैं। स्केंडरी इन्फेक्षन को रोकने के लिए फफूंदनाशक का शुरुआती प्रयोग आवश्यक है। वर्ष की शुरुआत में नियंत्रण की उपेक्षा करने पर आगे सीजन में नियंत्रण करना कठिन होता है। पाउडरी मिल्डू के खिलाफ प्रभावी पाए जाने वाले फफूंदनाशक हैं —

  • TRIFLOXYSTROBIN
  • MYCLOBUTANIL
  • DIFENOCONAZOLE
  • THIOPHANATE-METHYL

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