हिमाचल प्रदेश | बागवानी सम्बंधित मासिक कार्यसारिणी 2018

बागवानी सम्बंधित मासिक कार्यसारिणी

हिमाचल प्रदेश बागवानी विभाग 2018

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जनवरी पहला पखवाड़ा

पर्णपाती फलदार पौधें :

    • गोबर व उर्वरक प्रयोग : यदि दिसम्बर के माह तक गोबर, फास्फोरस तथा पोटाश खाद डालने का काम पूरा न हो तो यह कार्य पूरा कर लें |
    • कटाई – छंटाई : सभी शीतोष्ण फलों में कांट-छांट व सीधाई के कार्य के लिए यह उचित समय हैं| कांट-छांट के बड़े घावों पर चौबाटिया पेस्ट का लेप लगाएं| कांट-छांट के बाद बोर्डो मिश्रण या कॉपर फफूंदनाशक दवाई का छिडकाव करें|
    • नर्सरी से पौधों को उखाड़ने व बेचने का कार्य आरम्भ करें|
  • पौध रोपण :- इस समय सभी शीतोष्ण फलों के पौधों को तैयार किये व भरे हुए गडढों में रोपित करें|

सदाबहार फलदार पौधें :-

    1. गोबर व उर्वरक प्रयोग :- आम, लीची, निम्बू प्रजातीय फलों के पौधों में खाद व गोबर डालने का कार्य पूरा करें|
    1. निम्बू प्रजातीय फलों के पौधों की पछेती किस्मो के फलों की तुड़ाई पूरी करें|
    1. छोटे पौधों को शीत पक्षाघात [पाले] से बचने के लिए घास से ढकें|
    1. बड़े पौधों को पाले से बचाने के लिए पाला पड़ने की सम्भावना में सिंचाई तथा धुआं करें|
    1. अमरुद के फलों को तोड़ कर मंडियों में भेजें |

जनवरी दूसरा पखवाडा

    1. कांट-छांट, सीधाई व खादो का उपयोग जहाँ बरफ न पड़ी हो और यह काम न हो सका हो तो पूरा कर लें|
    1. पौध-रोपण का काम पूरा कर लें|

सदाबहार फल :-

    1. किन्नू के फलों की तुडाई पूरी करें|
  1. अमरुद की तुड़ान करतें रहें|

फ़रवरी पहला पखवाड़ा

    1. खुमानी, आडू, नाशपाती में कलम करने का कार्य शुरू करें|
    1. गुठलीदार फलों में नाइट्रोजन  की आधी मात्रा डालने का यह उचित समय हैं|
    1. कांट-छांट का कार्य पूरा कर लें|
    1. कीवी, अनार व अंगूर की कलमें पौध तैयार करने के लिये लगा दें|

सदाबहार फल :-

    1. पौधों में यदि गोबर व रासायनिक उर्वरक न डालें हो तो यह कार्य पूरा कर लें|
    1. आम, निम्बु प्रजातीय व लीची आदि फलों में नाईट्रोजन की आधी मात्रा डालने का उचित समय हैं|
    1. आवश्यकता अनुसार सिंचाई करें|
  1. जहाँ पर सिंचाई की सुविधा हो, आम, लीची व निम्बू प्रजाति फलों का रोपण करें|

फ़रवरी दूसरा पखवाड़ा

    1. गुठलीदार फलों, अखरोट, पीकननट, कीवी तथा सेब में कलम करने का काम करतें रहे|
    1. गुठलीदार पौधों व नाशपाती में टॉप वर्किंग का काम पूरा कर लें|
    1. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जहां बर्फ पिघल चुकी हो तथा खाद न डाली हो वहाँ पर गोबर व पोटाश डालें|
    1. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पौध रोपण का कार्य पूरा कर लें|
    1. शुष्क शीतोष्ण क्षेत्रों में अंगूर कांट-छांट पूरी कर लें|
    1. गुठलीदार फलों में नाइट्रोजन की आधी मात्र डालें|

सदाबहार पौधें:-

    1. पौधों से सुखी व रोगग्रस्त टहनियों की कांट-छांट करें|
  1. सूखे की अवस्था में सिंचाई करें|
    1.  टॉप वर्किंग का कार्य पूरा कर लें|
    1. सेब व अन्य शीतोष्ण फलों में यदि नाइट्रोजन कि पहली आधी मात्र न डाली हो तो इसे पूरा कर लें|

मार्च का प्रथम पखवाड़ा

    1. नर्सरी में कलम करने का कार्य पूरा कर लें|
    1. अंकुरित बीजों की नर्सरी में बुआई कर लें|
    1. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नाइट्रोजन की पहली आधी मात्र डालें|
    1. गुठलीदार फलों के तौलिओं में अंकुरण से पहलें खरपतवारनाशक (एट्राजीन/डाईयूरेन 4 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर) का प्रयोग करें|

सदाबहार पौधें :-

    1. आवश्यकता पड़ने पर पौधों कि सिंचाई करें|
    1. जो छप्पर पौधों को पाले से बचाने के लिए लगाई गई थी, उसे हटा दें|
    1. निम्बू प्रजाति फलों में चश्में चढाने का काम शुरू करें|

मार्च का दूसरा पखवाड़ा

    1. नर्सरी में कलम लगाने का कार्य पूरा कर लें|
    1. शुष्क शीतोष्ण क्षेत्रों में बर्फ पिघलते ही पौध रोपण का कार्य तथा इन क्षेत्रों में कांट-छांट का कार्य भी हो जाना चाहिए|
    1. मध्यावर्ती क्षेत्रों में गुठलीदार फलों को ओले से बचाने के लिए जाली से पौधों को ढकें|
    1. सेब, नाशपाती व चैरी में टॉप वर्किंग का कार्य पूरा कर लें|
    1. सेब व अन्य शीतोष्ण फलों में यदि नाइट्रोजन कि पहली आधी मात्र न डाली हो तो इसे पूरा कर लें|

सदाबहार पौधे :-

    1. निम्बू प्रजाति व लीची में जस्ते कि कमी को पूरा करने के लिए एक किलोग्राम जिंक सल्फेट + 500 ग्राम अनबुझा चूना पानी में घोल बना कर छिडकाव करें|
    1. निम्बू प्रजाति में चश्में तथा आम में कलम में कलम करने का काम पूरा कर लें|
  1. पौधों में घास कि मल्चिंग लगा लें|

अप्रैल का पहला पखवाड़ा

    1. मध्यवर्ती क्षेत्रों में नाइट्रोजन की दूसरी मात्रा भूमि में नमी के अनुसार डालें|
    1. बसंत ऋतू की वर्षा के बाद सुखी घास की मल्चिंग बिछाए|
    1. सेब में हरी पंखुड़ी से गुलाबी पंखुड़ी की अवस्था में बोरिक एसिड 100 ग्रा./ 100 ली. पानी तथा यूरिया 500 ग्रा./ 100 ली. पानी का छिडकाव करें|
    1. पौधों के मुख्य तनों व जड़ों से अवांछित शाखाए निकाल दें|
    1. परागण के लिए मधुमक्खियों के बक्सों को बगीचों में स्थापित करें|

सदाबहार पौधें :-

    1. नाइट्रोजन की दूसरी आधी मात्र डाल दें तथा घास की मल्चिंग करे|
  1. सिंचाई 10-15 दिनों के अंतर पर करें|

अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा

    1. नर्सरी के पौधों से मूलवृन्त आने वाले तनों को निकाल दें तथा समय-समय पर सिंचाई करें व खरपतवार निकालें|
    1. पौधों के तौलियों से खरपतवार निकल दें|
    1. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बगीचों में मधुमक्खी के बक्से लगा दें|
    1. बगीचों में झाडियों के नियंत्रण के लिए खरपतवार नाशक दवाइयों का छिडकाव करें|

सदाबहार पौधें :-

    1. पौधों में 7-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें|
  1. सूक्ष्म पोषक तत्व की कमी को पूरा करने के लिए सुक्ष्म तत्वों (मल्टीप्लैक्स 0.25 % ) का छिडकाव करें|

मई का पहला पखवाड़ा

    1. नर्सरी से खरपतवार निकाले तथा सिचाई करते रहे|
    1. पौधों के टोलियों से खरपतवार निकालें, जहाँ पानी की सुविधा हो, सिंचाई करें|
    1. सेब के पौधों में नाईट्रोजन की आधी मात्र डालें|
    1. किवी फल में हाथ से परागण करें|
    1. अत्यधिक फलन कि अवस्था में प्लानोफिक्स (1 मि. ली. / 4.5 ली.पानी में ) छिडकाव करके फलों का विरलन करें|

सदाबहार पौधें :-

    1. पौधों कि सिंचाई समयानुसार करें|
    1. सूक्ष्म तत्वों का छिडकाव अगर अप्रैल महीने में न किया हो तो उसका छिडकाव करें|
    1. किन्नू के फलों का विरलन प्रतिवर्ष फूल खिलने के 40 दिन बाद नेपथलीन एसिटिक एसिड 350 पी.पी.एम. (प्लानोफिक्स 7.8 मि.ली. पानी द्वारा या इथरल 0.5 ग्राम /ली.) पानी द्वारा करें|
    1. खरपतवारनाशक का प्रयोग करें|

मई का दूसरा पखवाडा

    1. अखरोट में चिप चश्मा लगा कर प्रवर्धन करें तथा सेब, खुमानी व आडू में चश्मा लगा कर प्रवर्धन करें|
    1. गुठलीदार फलों की अगेती किस्मों की तुडाई करें|
    1. सूक्ष्म तत्वों की कमी के लिए सेब के बगीचों में मल्टीप्लेक्स, टेसल या अग्रोमिन का छिडकाव करें|
    1. अगर आवश्यकता हो तब किवी फल में, फलों का विरलन हाथ द्वारा करें|

सदाबहार फल :-

    1. अवांछित कोपलों और सदाबहार शाखाओं को निकल दें|
    1. लीची फल कि तुड़ाई आरम्भ करें|
    1. आवश्यकता अनुसार सिंचाई करें|
  1. नए बागीचे लगाने के लिए रेखांकन व गड्ढे तैयार करें|

जून का पहला पखवाड़ा

    1. अखरोट व पिकानट की पैच व ऐनुलर विधि द्वारा कलम करें तथा सेब व चेरी में क्लोनल रूट स्टोक में मिटटी चढा दें|
    1. मध्य व ऊँचे क्षेत्रों में गुठलीदार फलों की तुड़ाई का काम जारी रखें|
    1. सेब व नाशपाती की अगेती किस्मों के फलों की तुड़ाई का काम आरम्भ करें|
    1. मध्यवर्ती क्षेत्रों में फलों के पकने से पूर्व गिरने से रोकने के लिए प्लेनाफिक्स 1 मि.ली. / 4.5 ली. पानी के घोल का छिडकाव अनुमानित झड़ने के समय से एक सप्ताह पूर्व करें|

सदाबहार फल :-

    1. आवश्यकता अनुसार सिंचाई करें|
    1. पौधरोपण के लिए पौधों का प्रबंध करें|
    1. हरी खाद देने वाली फसलें जैसे डैचा, सैम की बुआई करें|
  1. आम में गुच्छा रोग से ग्रस्त टहनियों को निकाल दें|

जुलाई पहला पखवाड़ा

    1. शीतोष्ण फलों में मल्च को तौलियों से हटाने का काम मौनसून से पूर्व ही पूरा कर लें|
    1. निचले मध्यवर्ती शीतोष्ण क्षेत्र में सेब की अगेती किस्मों की तुड़ाई कर लें व मुख्य किस्मों रॉयल डिलीशियस की तुड़ाई भी तैयार होते आरम्भ कर दें|
    1. पकने से पूर्व ही फल झड़ने की समस्या को रोकने के लिए फल गिरने के लगभग एक सप्ताह पूर्व प्लेनोफिक्स 1 मि.ली./ 4.5 ली.पानी में घोल कर छिडकाव करें|
    1. तौलिओं में बरसात का पानी न टिके इसके लिए पानी के निकास के लिए नालियां खोद लें|
    1. गुठलीदार फलों की तुड़ाई का काम पूरा कर लें|
    1. सेब के पौधों की अधिक फलों से लदी हुई शाखाओं को लकड़ी के डंडे या रस्सी से सहारा दें|
    1. यदि ओलों के लिए जालियां लगी हो तो उन्हें उतार दें|
    1. पत्ती विशलेष्ण के लिए सेब की पत्तियों के नमूने इकट्ठे कर तुरंत प्रयोगशाला को भेजें|
    1. अखरोट व पिकन नट में पैच एनुलर विधि द्वारा लगाये|
    1. नर्सरी से खरपतवार निकालें|

सदाबहार फल :-

    1. मल्च को हटाने का काम आरम्भ करें|
    1. तौलियों में हल्की गु्ड्डी कर खरपतवार से मुक्त रखे तथा तौलिए अच्छी प्रकार तैयार कर लें|
    1. अमरुद के फलों की तुड़ाई पूरी कर लें|
    1. तौलियों से मौनसून के पानी के निकास का उचित प्रबंध करें|
    1. सदाबहार फल पौधों को वर्षा ऋतू के साथ ही लगाने का कार्य प्रारंभ करें|
    1. लीची में गुट्टी बांधें|
    1. सदाबहार फलों की नर्सरी से खरपतवार निकालें|

जुलाई दूसरा पखवाड़ा

शीतोष्ण फल :-

    1. मध्यवर्ती क्षेत्रों में सेब के फलों का तुड़ान करके ग्रेडिंग, पैकिंग आदि कर मंडियों में भेजें|
    1. नाशपाती की अगेती व मध्यवर्ती किस्मों के फलों की तुड़ाई का काम भी पूरा कर लें|
    1. अखरोट व पिकन नट में पैच व एनुलर चश्मा विधि से प्रवर्धन करें|
    1. किवी व अनार की कलमें लगाने का सही समय|
    1. किवी की पौध को सीड बैड से नर्सरी बैड में रोपित करें|

सदाबहार फल :-

    1. फल पौधों को लगाने का कार्य जारी रखें|
    1. तौलियों से जल निकासी के लिए अलग प्रबंध न किया हो तो शीघ्र नालियां आदि बना लें|
    1. आम से साइड विनियर ग्राफ्टिंग व लीची, अमरुद में एयर लेयरिंग(गुट्टी) कर लें|
    1. लीची में गुट्टी लगाने का सही समय|
    1. आम कि गुठली को इकटठा करें और बुआई करें|
  1. नर्सरी के पौधों को उखाड कर उसे बेचने का काम शुरू करें|

अगस्त का पहला पखवाड़ा

    1. ओला अवरोधक जालियों को यदि नही हटाया गया हो तो हटा दें|
    1. सेब कि तुड़ाई का कार्य मध्यवर्ती क्षेत्रों में जारी रखें|
    1. ऊँचे क्षेत्रों में फल झड़ने से बचाने के लिए प्लेनोफिक्स 1 मि.ली./ 4.5 ली.पानी में झड़ने के अनुमानित समय से एक सप्ताह पूर्व छिडकाव करें|
    1. ऊँचे क्षेत्रों में नाशपाती कि अगेती किस्मों कि तुड़ाई कर लें|
    1. नर्सरी से घास समय-समय पर निकल लें|

सदाबहार फल:-

    1. आम के फलों की तुड़ाई कर लें|
    1. पौधों के तौलियों में से वर्षा के पानी का उचित निकास बना कर रखें|
    1. निम्बू प्रजाती पौधों में सूक्ष्म तत्व विशेष रूप से जस्ते की कमी को पूरा करने के लिए एक किलो जिंक सल्फेट + 500 ग्राम अनबुझा चूना 200 मि.ली. पानी में घोल बना कर छिडकाव करें|
    1. आम की गुठलियों की नर्सरी में बुआई करें|
    1. लीची में गुट्टी बांधें|
    1. नर्सरी में पौधों को उखाड़े तथा उन्हें बेचने का कार्य करें|

अगस्त दूसरा पखवाड़ा

    1. सेब की तुडाई, ग्रेडिंग, पैकिंग व मंडियों में भेजने का कार्य जारी रखें|
    1. ऊँचे शुष्क क्षेत्रों में पकी हुईं खुमानियों को धुप में या सन ड्रायर से सुखाये|
    1. अखरोट में साइड विनियर /चिप बडिंग का कार्य जारी रखें|
    1. नर्सरी से घास समय-समय पर निकालें|

सदाबहार फल :-

    1. बीजू आम की गुठलियों को इक्टठा कर नर्सरी में बीज लें|
    1. आम में कलम करने का सही समय|
  1. नर्सरी से खरपतवार निकल लें|

सितम्बर पहला पखवाड़ा

    1. निचले क्षेत्रों में सेब व नाशपाती के तुडान का कार्य शीघ्र पूरा कर लें तथा मध्यवर्ती क्षेत्रों में सेब की तुड़ाई जारी रखें|
    1. ऊँचे क्षेत्रों में सेब की तुड़ाई का कार्य आरम्भ कर लें |
    1. मध्यवर्ती क्षेत्रों में आम की पछेती किस्मों की तुड़ाई पूरी कर लें |
    1. नए बगीचे लगाने के लिए सेब, नाशपाती, गुठलीदार फलों आदि के लिए रेखांकन का कार्य आरम्भ कर लें|
    1. तौलिओं में घास व खरपतवार को साफ़ कर मिटटी में मिला लें|
    1. ऊँचे क्षेत्रों में खुमानी को सुखाने का कार्य जारी रखें|
    1. खुमानी, सेब में चिप चश्मा विधि द्वारा पर्वर्धन का सही समय|

सदाबहार फल :-

    1. तौलियों को खरपतवार रहित रखें व जल निकासी के लिए ठीक रखें|
    1. हरी खाद वाली फसलों को हल चला कर मिटटी में मिला लें|
    1. सर्दियों में लगाये जाने वाले फल पौधों के लिए रेखांकन का कार्य आरम्भ कर लें|
    1. आम की पछेती किस्मों की बुआई पूरी कर लें|
    1. बीजू आम की गुठलियों को बीजने का कार्य पौधशाला में पूरा कर लें|
    1. निम्बू प्रजातिय फलो में चश्मा चढाये|
    1. आम में कलम करें|
    1. गुट्टी को लीची के पौधों से काट कर नर्सरी लगाये|

सितम्बर दूसरा पखवाड़ा

शीतोष्ण फल:-

    1. सेब की तुडाई, ग्रेडिंग, पैकिंग व मंडियों में भेजने का कार्य जारी रखें|
    1. बगीचों के रेखांकन का कार्य पूरा कर लें तथा गड्ढों को खोदने का कार्य आरम्भ कर लें|
    1. तुड़ाई के पश्चात् बगीचों में झाडियों आदि की सफाई कर लें| घास आदि की कटाई कर बगीचों को साफ़ करें |
    1. शाखाओं को सहारा देने के लिए उपयोग किये गए डंडों व रस्सियों को हटा कर सुरक्षित रख लें|
  1. अखरोट, पिकन नट व परसीमन की तुड़ाई कर लें|

अक्तूबर पहला पखवाडा

    1. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब की तुड़ाई का काम जारी रखें|
    1. रेखांकन का कार्य पूरा कर खड्डों की खुदाई का कार्य जारी रखें|
    1. बगीचों की घास की कटाई कर सुखा लें व भण्डारण करें| इसे पशुओं के लिए या मल्च के लिए प्रयोग करें|
    1. गिरे हुए फल व पत्तियों को इकठ्ठा कर गोबर के गढ्ढों में डालें या नष्ट कर लें|
    1. अखरोट, पिकन नट व परसीमन की तुड़ाई पूरी कर लें|
    1. कीवी फल की तुड़ाई आरम्भ कर लें|
    1. शीतोष्ण फलों के बीज को इकटठा कर लें जो नर्सरी के लिए उपयोग होते हैं|
    1. समय-समय पर खरपतवार निकलें तथा सिंचाई करें|

सदाबहार फल :-

    1. मौसमी व माल्टा की अगेती किस्में व चकोतरा की तुड़ाई कर लें|

अक्तूबर दूसरा पखवाड़ा

    1. नए बगीचों के लिए गड्ढे खोदने का कार्य जारी रखें|
    1. अखरोट व परसीमन का तुड़ान पूरा कर लें|
    1. ऊँचे क्षेत्रों में सेब व नाशपाती का तुडान पूरा करें|फलों का मंदीकरण या शीत भण्डारण करें|
    1. शीतोष्ण फल पौधों के तनो में चुने के लेप को लगाने का कार्य प्रारंभ करें|
    1. नमी वाले स्थानों में तौलियों की खुदाई का कार्य शुरू करें |
    1. मिटटी विश्लेषण के लिए मिटटी के नमूने इकठ्ठा कर प्रयोगशाला को भेजें|
    1. बिजाई के लिए सेब व अन्य फलों के बीजों को इकट्ठा कर लें|
    1. समय-समय पर खरपतवार निकल लें तथा सिंचाई कर लें|

सदाबहार फल :-

    1. जट्टी-खट्टी के बीजों की बिजाई कर लें|
  1. मौसमी माल्टा की तुड़ाई कर लें|

नवम्बर पहला पखवाड़ा

शीतोष्ण फल:-

    1. नर्सरी में समय-समय पर सिंचाई करें|
    1. गड्ढों की खुदाई का कार्य पूरा करने के बाद गड्ढों को भरना शुरू कर दें| गोबर की खाद, सुपरफास्फेट व कीटनाशक आदि मिलाकर गड्ढों को भूमि से 15-20 सें.मी. ऊपर तक भरें|
    1. पौधों के तौलिए बनाने आरम्भ कर दें|
    1. पौधों के तने में 2- 3 फुट तक चुने का लेप लगाएं| चुने के घोल में नीला थोथा व अलसी का तेल भी मिलाएं| चूने के लेप के लिए 30 कि.ग्रा.चूना + 500 ग्रा. नीला थोथा + 500 मि.ली.अलसी के तेल का मिश्रण 100 ली. पानी में मिलकर उपयोग करें|
    1. पतझड़ शुरू होते ही 10 कि.ग्रा. यूरिया 200 ली. पानी के घोल का छिडकाव करें ताकि पौधों के पत्ते 7-10 दिनों में झड़ जाएं व पौधा सुसुप्तावस्था में आ जायें व शीतकालीन कार्यों के लिए तैयार हो सकें|

सदाबहार फल :-

    1. माल्टा-संतरा आदि फलों का तुड़ान करें|
    1. रोग व कीट ग्रस्त शाखाओं व अवांछनीय टहनियों को काट कर, कटे भाग पर बोर्डो पेस्ट लगाएं|
    1. आवश्यकतानुसार सिंचाई करें|
    1. पौधों के तौलियों में भूमि में नमी को संरक्षित करने के लिए घास कि मोती तह के रूप में मल्च बिछाएं|

नवम्बर दूसरा पखवाड़ा

शीतोष्ण फल :-

    1. तौलिए बनाने का कार्य जारी रखें | तौलियों को बनाते समय गोबर की गली-सड़ी खाद, सुपरफास्फेट व म्यूरेट ऑफ पोटाश भी मिला लें|
    1. फल के तनों पर चूना, नीला थोथा व अलसी के तेल के मिश्रण को पानी में मिला कर लेप लगाये |
  1. गड्ढों को भरने का कार्य पूरा कर लें तथा उचित किस्म के नर्सरी के पौधों का आरक्षण कर लें|

दिसम्बर पहला पखवाड़ा

शीतोष्ण फल :-

    1. पौधों के तौलिए बनाने का कार्य जारी रखें तथा गली सड़ी गोबर कि खाद व उर्वरक का उपयोग पौधों कि आयु के अनुसार करें|
    1. पौधों कि सुप्तावस्था में जाने के बाद कांट-छांट व सीधाई का कार्य आरम्भ कर दें| कटे भाग पर बोर्डो पेस्ट या चोबाटिया पेस्ट का लेप लगाए |
    1. पौधों को भरने का कार्य पूरा कर लें ताकि पौधों को लगाने के लिए मिटटी को बैठने के लिए 3-4 सप्ताह का समय मिल जाए |

सदाबहार फल :-

    1. किन्नू को छोड कर संतरा, माल्टा, चकोतरा आदि फलों का तुड़ान करें|
    1. नर्सरी पौधों को पाले से बचाने के लिए घास, पत्तों आदि की छान बना कर ढक लें या अलग से पौधों को ढक कर पाले या ठण्ड से बचाने का उपाय करें|
    1. पाले पड़ने की सम्भावना में सिंचाई करें | सुखा पड़ने की संभावना में भी सिंचाई करना जरूरी हैं|
    1. जहाँ सिंचाई की सुविधा हो, पौधों को लगाने के लिए गड्ढे खोद लें|
    1. रोग व कीट ग्रस्त शाखाओं की कांट-छांट कर नष्ट कर दें|

दिसम्बर दूसरा पखवाड़ा

शीतोष्ण फल :-

    1. सेब, आडू ,अखरोट व पीकन के बीजों को स्ट्रैटीफिकेशन के लिए डालें| नर्सरी को उखाड़ने का कार्य शुरू करें |
    1. कांट-छांट व सीधाई का कार्य करें| कटे भाग पर बोर्डो पेस्ट या चोबाटिया पेस्ट आवश्यक लगाएं|
    1. पौधों को लगाने का कार्य आरम्भ कर दें|
    1. तौलिए बनाने व खाद और उर्वरको के प्रयोग का कार्य बर्फ पड़ने से पहले पूरा कर लें|
    1. पौधों के तनों में चूने के लेप लगाने का कार्य भी पूरा कर लें|
    1. बगीचे से कांट-छांट की शाखाएं इकट्ठी करें तथा झाडियाँ आदि निकाल कर बगीचों को साफ़ रखें|

सदाबहार फल :-

    1. तौलिए बनाने का कार्य आरम्भ करें तथा आयु अनुसार गोबर की गली-सड़ी खाद व उर्वरक डालें |
    1. संतरें की पछेती किस्मों की तुड़ाई करें|
  1. पौधों को पाले से बचाने के लिए सिंचाई करें तथा छोटे पौधों को पाले से बचाने के लिए घास व बोरी आदि से ढक लें| केवल दक्षिण पश्चिम दिशा में सूर्य की रोशनी के लिए खुला रखें|

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