एम.9 (माल्लिंग 9) सेब का रूटस्टॉक

एम.9 रूटस्टॉक

(In English)

एम.9 (माल्लिंग 9) सेब का रूटस्टॉक

 

परिचय

रूटस्टॉक आम तौर पर पेड़ के आकार को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, ताकि  सेब के पेड़ को एक छोटे क्षेत्र में भी उगाया जा सके। इनमें कीट विरोधक क्षमता भी होती है। एम.9 ईस्ट माल्लिंग रिसर्च स्टेशन इंग्लैंड, से जारी किया गया था और यह दुनिया भर में उच्च घनत्व वृक्षारोपण के लिए व्यावसायिक तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाला सबसे ड्वॉरफिंग (बौना) रूटस्टॉक है। इस रूटस्टॉक पर पेड़ 8-10 फीट की ऊंचाई तक पहुँच जाता है और 3-4 साल के बाद फल देना शुरू कर देता है। एम.9 रूटस्टॉक पर तैयार किया गया सेब का पेड़ नाज़ुक होता  है और इन्हें सहारे की आवश्यकता होती है।

प्रमुख बिंदु:

नॉन-स्पर पर मानक  पेड़ का आकार                     35%

स्पर पर मानक पेड़ का आकार                             20%

एंकोरेज                                                          कमज़ोर

जड़ सकर्स                                                     थोड़ा बहुत

फ्रूट बेअरिंग                                                 2-3 साल

अकालपक्‍वता                                               बहुत जल्दी

पेड़ों के बीच दूरी (नॉन-स्पर)                             6-10 फुट

पेड़ों के बीच दूरी प्रकार (स्पर)                           3-6 फुट

कॉलर रॉट से प्रतिरोध                                    उच्च प्रतिरोध

बर नाट से प्रतिरोध                                       माध्यम प्रतिरोध

वूली-अफिड से प्रतिरोध                                   कम प्रतिरोध

स्थायी सहारे की आवश्यकता                         अपेक्षित

 

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विवरण

एम.9 एक, ड्वॉरफिंग रूटस्टॉक है जो एक मानक पेड़  के आकार का लगभग 25-35%  पेड़  का उत्पादन करता है।  इस रूट स्टॉक की वुड  नाज़ुक होती है और जड़ें उथली होती है, इसलिए इसे एक स्थायी सहारे की आवश्यकता होती है। आम तौर पर इस्तेमाल होने वाली  ट्री स्पोर्ट 10 फीट ऊंची होती है जो 8 फीट जमीन के ऊपर और 2 फीट जमीन के नीचे हो सकती है। मालिंग 9, सूखा सहिष्णु नहीं होता है ,इस लिए  सूखे की स्थिति के तहत  लगातार अंतराल पर सिंचाई की आवश्यकता होती है। इसे हल्की मिट्टी पर नहीं लगाना चाहिए जहाँ सिंचाई की सुविधा उपलब्ध ना हो । इस रूटस्टॉक पर सेब के पेड़ अच्छे आकार के फल पैदा करता है और अत्यंत उत्पादक होता है ।  इस रूटस्टॉक पर सेब के पेड़ फल समय से पहले परिपक्व हो जाते है। पेड़ की शाखाएँ अच्छी तरह से उजागर होती है और सीमित लकड़ी के कारण यह अच्छे आकर और उत्कृष्ट रंग के फलों  का उत्पादन करता है  ।

           हिमाचल प्रदेश के कई सेब उत्पादकों ने अंकुर(सीडलिंग) रूटस्टॉक  की बजाए प्रतिरूप(क्लोनल) रूटस्टॉक्स रोपण शुरू कर दिया है। एम.9 राज्य के कई प्रगतिशील बागवानों द्वारा उच्च घनत्व प्रणाली के लिए चुना जा रहा है, परंतु एम.9 रूटस्टॉक को सीडलिंग रूटस्टॉक से अधिक और विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। यह एक बगीचे के अंदर पेड़ों को  भरने के लिए नहीं लगाया जाना चाहिए। एम.9 एक पंक्ति में लगाया जाता है ओर दो पंक्तियों की दूरी 10-14 फीट तक होती है और इन पंक्तियों में पेड़ों की दूरी 4-8 फीट तक हो सकती है । यह सूखे के लिए सहिष्णु नहीं होते इसलिए पेड़ों के रोपण के पूर्व ही  ड्रिप / फव्वारा सिंचाई प्रणाली स्थापित करनी चाहिए।मालिंग 9 एक ड्वॉरफिंग रूटस्टॉक है, इसलिए अच्छी वृद्धि विशेषताओं वाली कलम को चुना जाना चाहिए। यह पेड़ बहुत नाज़ुक होते है इसलिए उच्च हवा के वेग वालें क्षेत्रों में लगाने से बचा जाना चाहिए।

 

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